हाई ब्लड शुगर होने पर आपको कैसा महसूस होता है?
ब्लड शुगर के बढ़े हुए लेवल को हाइपरग्लाइसेमिया कहते हैं, जो अक्सर डायबिटीज़ के कारण होता है। वहीं हाइपोग्लाइसेमिया लो ब्लड शुगर को कहते हैं, जिसमें भ्रमित होने और पसीना आने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ब्लड ग्लूकोज पर नियंत्रण बनाए रखना ज़रूरी है, खासकर डायबिटीज़ वाले व्यक्तियों के लिए बेहद ज़रूरी है।
डायबिटीज़ वाले व्यक्तियों में हाइपरग्लेसेमिया के लक्षण कुछ दिनों या हफ्तों में धीरे-धीरे विकसित होते हैं | कुछ मामलों में, जब तक ब्लड शुगर का लेवल बहुत अधिक न हो जाए, तब तक कोई लक्षण दिखाई नहीं भी दे सकते हैं।
हाइपरग्लाइसेमिया की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
निम्न कारणों से हाइपरग्लेसेमिया की समस्या हो सकती है:
- डायबिटीज़:
o टाइप 1 डायबिटीज़ में, पैनक्रियाज से इंसुलिन बनना बंद हो जाता है।
o टाइप 2 डायबिटीज़ में, पैनक्रियाज से पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता है, जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने के लिए ज़रूरी है।
o दोनों स्थितियों में, ग्लूकोज ब्लड फ्लो में बनने लगता है, जिसके कारण हाइपरग्लेसेमिया की समस्या होती है। - स्ट्रेस:
- बीमारी, जैसे सर्दी होना
- अधिक भोजन करना, जैसे भोजन के बीच में नाश्ता करना
- एक्सरसाइज़ की कमी
- डिहाइट्रेशन
- डायबिटीज़ की दवा की खुराक समय पर न ले पाना या गलत खुराक लेना
- हाइपोग्लाइसेमिया (लो ब्लड शुगर) के एपिसोड का सामान्य से अधिक इलाज कराना
- अन्य दवाएं, जैसे स्टेरॉयड दवा लेना
कभी-कभी विकास के चरण के दौरान बच्चों और युवा वयस्कों में भी हाइपरग्लाइसेमिया एपिसोड की समस्या हो सकती है। हाइपरग्लाइसेमिया के लक्षण उन व्यक्तियों को भी महसूस हो सकते हैं, जिन्हें डायबिटीज़ की समस्या है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
हाइपरग्लाइसेमिया की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- अधिक प्यास लगना और मुंह सूखना
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब में ग्लूकोज लेवल अधिक होना
- थकान होना
- आंखों की रोशनी धुंधली होना
- बिना किसी कारण के वज़न कम होना
- बार-बार इन्फेक्शन होना, जैसे थ्रश, यूरिनरी ट्रैक्स का इन्फेक्शन और स्किन इन्फेक्शन होना
हाइपरग्लाइसेमिया का इलाज नहीं कराने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैंः
- हार्ट से संबंधित समस्याएं
- किडनी रोग
- नसों से संबंधित समस्या
- इन्फेक्शन
- हड्डी से जुड़ी समस्या
- अंगों का नुकसान या मृत्यु
निम्न उपाय करके हाइपरग्लाइसेमिया की रोकथाम की जा सकती हैः
- वज़न पर नियंत्रण बनाए रखें
- नियमित रूप से फिज़िकल ऐक्टिविटी करें
- ताज़े फल और सब्जियां अधिक खाएं और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट फूड्स का कम सेवन करें।
- डॉक्टर के बताए अनुसार डायबिटीज़ की दवा लें
- नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें।33,34,35,36


